रितेश देशमुख और जेनेलिया देशमुख की जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रही है। दोनों की आगामी फिल्म ‘राजा शिवाजी’ को लेकर इन दिनों काफी चर्चा हो रही है। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया था, जिसमें रितेश और जेनेलिया भावुक होते हुए नजर आए और कई दृश्यों में दोनों को रोते हुए भी दिखाया गया, जिसने दर्शकों का ध्यान खींचा। रितेश देशमुख ने इस फिल्म को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताया है, वहीं जेनेलिया न सिर्फ इसमें अभिनय कर रही हैं, बल्कि बतौर प्रोड्यूसर भी इससे जुड़ी हुई हैं।
अब इस फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि फिल्म पर सेंसर बोर्ड की ओर से कुछ कट्स लगाए गए हैं और कई दृश्यों में बदलाव भी करवाया गया है। इसके बाद फिल्म को सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंजूरी मिल गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ‘राजा शिवाजी’ को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से U/A सर्टिफिकेट मिला है। मराठी वर्जन की लंबाई करीब 195 मिनट बताई जा रही है, यानी फिल्म का कुल रनटाइम लगभग 3 घंटे 15 मिनट और कुछ सेकंड का होगा। इस तरह यह फिल्म लंबी अवधि वाली फिल्मों की श्रेणी में शामिल हो गई है।
रनटाइम के मामले में यह फिल्म पहले से मौजूद कई बड़ी फिल्मों को टक्कर देती नजर आ रही है। इस सूची में पहले से ही ‘एनिमल’ (203 मिनट), ‘धुरंधर’ (214 मिनट) और ‘पुष्पा 2’ (200 मिनट) जैसी लंबी फिल्मों के नाम शामिल हैं। ऐसे में ‘राजा शिवाजी’ भी अपनी लंबाई और भव्य प्रस्तुति को लेकर चर्चा में बनी हुई है।
‘राजा शिवाजी’ के मेकर्स को सेंसर बोर्ड के कई निर्देश
रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म ‘राजा शिवाजी’ को सर्टिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान सेंसर बोर्ड की ओर से कुछ अहम बदलावों के निर्देश दिए गए हैं। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट में बताया गया है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने फिल्म के कुछ दृश्यों में संशोधन करवाया है और निर्माताओं को स्पष्टता बढ़ाने पर जोर दिया है।
बोर्ड ने फिल्म के डिस्क्लेमर को और अधिक साफ और विस्तार से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि दर्शकों को कहानी की पृष्ठभूमि बेहतर तरीके से समझ आ सके। इसके अलावा, कुछ हिस्सों में वॉयसओवर जोड़ने को भी कहा गया है, जिससे कथानक अधिक स्पष्ट और प्रभावी बन सके।
सिर्फ इतना ही नहीं, फिल्म के टाइटल को लेकर भी अतिरिक्त स्पष्टीकरण मांगा गया है। सेंसर बोर्ड ने यह भी निर्देश दिया है कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों को लेकर उचित संदर्भ शामिल किए जाएं। इसके तहत स्क्रिप्ट, डायलॉग्स और गानों के निर्माण में जिन ऐतिहासिक स्रोतों का उपयोग किया गया है, उनका उल्लेख स्पष्ट रूप से किया जाना जरूरी बताया गया है।
इन सभी बदलावों के बाद फिल्म को आगे की प्रक्रिया के लिए हरी झंडी दी गई है, लेकिन मेकर्स को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
फिल्म में किए गए बदलाव और सेंसर बोर्ड के निर्देश
सेंसर सर्टिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान सीबीएफसी ने फिल्म ‘राजा शिवाजी’ के निर्माताओं को कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड ने फिल्म में ऐतिहासिक घटनाओं को बेहतर तरीके से समझाने के लिए टेक्स्ट स्लेट जोड़ने को कहा है, ताकि दर्शकों को घटनाओं का सही संदर्भ मिल सके। इसके साथ ही प्रमुख घटनाओं के साथ उनकी तारीखें भी स्पष्ट रूप से दिखाने का निर्देश दिया गया है।
फिल्म के कुछ दृश्यों में भी संशोधन किए गए हैं। बताया जा रहा है कि दो खास सीन्स पर सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताई है। पहला सीन, जिसमें एक छोटे बच्चे से जुड़ा हिंसक दृश्य दिखाया गया था, उसे संशोधित करने के लिए कहा गया है। वहीं दूसरे दृश्य में म्यूट विजुअल्स के दौरान ऑडियो जोड़ने का निर्देश दिया गया है, ताकि कहानी की प्रस्तुति अधिक स्पष्ट हो सके।
फिल्म ‘राजा शिवाजी’ के बारे में
फिल्म की कहानी छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके स्वराज की लड़ाई पर आधारित है। इसमें उनके संघर्ष, नेतृत्व और ऐतिहासिक योगदान को बड़े पर्दे पर दिखाया गया है। रितेश देशमुख फिल्म में शिवाजी महाराज की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि उनके बेटे ने बचपन के शिवाजी का किरदार निभाया है।
फिल्म में जेनेलिया देशमुख, संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, विद्या बालन, फरदीन खान, भाग्यश्री, अमोल गुप्ता, जितेंद्र जोशी समेत कई अन्य कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।





