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•08/10/2026
•01:24 pm
BrahMos, Astra और Pralay: भारत की असली ताकत अब फैक्ट्रियों में भी तैयार होगी!
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 25 अगस्त 2026 को DRDO-विकसित पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों की तकनीक भारतीय रक्षा उद्योग को घरेलू उत्पादन के लिए हस्तांतरित करने की मंजूरी दी। यह प्रक्रिया निर्धारित योग्यताओं और नियामकीय शर्तों के अधीन है। पाकिस्तानी विश्लेषक यासिर हुसैन ने इससे क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा बढ़ने की आशंका जताई है। भारत का रक्षा उत्पादन 2025–26 में ₹1.78 लाख करोड़ और निर्यात ₹38,424 करोड़ रहा। उद्योग की बढ़ती भागीदारी का घोषित उद्देश्य उत्पादन क्षमता, स्वदेशीकरण और सप्लाई चेन मजबूत करना तथा आयात निर्भरता घटाना है।