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13/09/2026
11:15 am
हथियारों के बाजार में पलटा इतिहास: अब रूस को भारत की तकनीक पर क्यों है भरोसा?
हाल ही में संपन्न भारत-रूस शिखर सम्मेलन ने दोनों देशों के संबंधों को खरीदार और विक्रेता से आगे बढ़ाकर एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी में बदल दिया है। इस दौरे में ब्रह्मोस-एनजी मिसाइल के सह-उत्पादन, सुखोई-30एमकेआई के आधुनिकीकरण और एस-400 व एस-500 एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर बड़े समझौते हुए हैं। इसके अलावा, पश्चिमी प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए लोकल करेंसी में व्यापार और इंटरनेशनल नॉर्थ-सदर ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) के जरिए आर्थिक सहयोग को नई रफ्तार दी गई है, जिससे वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव आया है।