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•01/11/2026
•09:43 am
चीन का गुरूर चकनाचूर! कैसे भारत के 'कांच के तार' ने बचाई अमेरिका की AI इंडस्ट्री?
वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों (अप्रैल-अगस्त) में भारत का ऑप्टिकल फाइबर और केबल निर्यात 158% बढ़कर 48.3 करोड़ डॉलर (लगभग 4000 करोड़ रुपये) के पार पहुंच गया है। इस निर्यात का 55% से ज्यादा हिस्सा अमेरिका ने खरीदा है, जबकि चीन ने भी 5.24 करोड़ डॉलर का आयात किया है। भारत की पीएलआई स्कीम, एंटी-डंपिंग ड्यूटी और कड़े बीआईएस नियमों ने घरेलू उत्पादन को मजबूती दी है। अत्याधुनिक वीएडी और ओवीडी तकनीक से बन रहे ये भारतीय फाइबर अब एआई डेटा सेंटर्स और वैश्विक दूरसंचार नेटवर्क की प्रमुख जरूरत बन गए हैं।