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•06/10/2026
•10:16 am
पुतिन के सीक्रेट कमरे में मोदी का वो 'मास्टरस्ट्रोक', जिससे अमेरिका और चीन के उड़े होश!
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत ने कूटनीतिक मध्यस्थता में अहम भूमिका निभाई है। अमेरिका और चीन के शांति प्रस्तावों के विफल होने के बाद, भारतीय प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के रणनीतिक हस्तक्षेप ने रूस और यूक्रेन को बातचीत के लिए राजी किया। भारत ने एक थ्री-टियर शांति फॉर्मूला पेश किया जिसे दोनों पक्षों ने स्वीकार किया। इस युद्ध के दौरान भारत ने रियायती दरों पर रूसी कच्चा तेल खरीदकर आर्थिक लाभ सुनिश्चित किया, वहीं युद्ध के बाद यूक्रेन के पुनर्निर्माण में भारतीय कंपनियों की बड़ी भागीदारी से 500 अरब डॉलर के बाजार में भारत को रणनीतिक फायदा होगा।